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मिथिला हाट की तर्ज पर बनेगा नालंदा हाट, पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

नालंदा, 19 जुलाई (अविनाश पांडेय) विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की धरती नालंदा को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। मधुबनी के चर्चित ‘मिथिला हाट’ की तर्ज पर अब नालंदा में अत्याधुनिक ‘नालंदा हाट’ विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन को नई ऊंचाई देने के साथ हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार करेगी।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने बताया कि नालंदा हाट का स्थान इस प्रकार चयनित किया जा रहा है, जिससे पर्यटक एक ही मार्ग पर जिले के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का सहज भ्रमण कर सकें। इसी उद्देश्य से ह्वेनसांग मेमोरियल के समीप पहुंच मार्ग का चौड़ीकरण और विकास कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। इससे पर्यटक विश्व धरोहर नालंदा महाविहार के खंडहर, ह्वेनसांग मेमोरियल, बड़गांव स्थित विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, सूर्य तालाब तथा भगवान महावीर की जन्मस्थली माने जाने वाले कुंडलपुर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।डीएम ने कहा कि नालंदा हाट में बिहार की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, लोक संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों को एक ही परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा। यहां स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के लिए विशेष मंच मिलेगा।

इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।जिला प्रशासन प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दे रहा है। कमल सरोवर, जहां प्रतिवर्ष लगभग 235 प्रजातियों के स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है, उसे बर्ड वॉचिंग और इको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण से प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।डीएम उदिता सिंह ने अधिकारियों को पर्यटन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, सौंदर्यीकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं का उच्चस्तरीय विकास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पुष्करणी तालाब परिसर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य शुरू करने को कहा। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, नगर पंचायत नालंदा के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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