नालंदा, 11 जून (अविनाश पांडेय) राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की है। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पतालों, स्वास्थ्य शिविरों, एम्बुलेंस सेवाओं और चलंत चिकित्सा दलों की तैनाती से श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेला क्षेत्र में कुल सात अस्थायी अस्पताल और 20 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

ब्रह्मकुंड परिसर में पांच बेड वाला अत्याधुनिक अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है, जहां आईसीयू की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त ब्रह्मपुरा परिसर के पांच अलग-अलग स्थानों पर चिकित्सा दलों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आंकड़ों के अनुसार 10 जून तक कुल 73,078 श्रद्धालुओं एवं अन्य लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं। इनमें 38,013 पुरुष और 34,862 महिला मरीज शामिल हैं। वहीं गंभीर रूप से बीमार 203 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर रेफर किया गया है। स्वास्थ्य शिविरों में श्रद्धालुओं के साथ-साथ पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों, आपदा मित्रों तथा मेला ड्यूटी में तैनात अन्य कर्मियों का भी उपचार किया जा रहा है।

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए 15 एम्बुलेंस और पांच चलंत चिकित्सा दल लगातार सक्रिय हैं। पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। साथ ही छह प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मेला क्षेत्र में तैनात प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी 24 घंटे सेवा दे रहे हैं।गर्मी और भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। पेयजल, स्वच्छता और जनस्वास्थ्य मानकों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत निकटतम स्वास्थ्य शिविर या चिकित्सा कर्मियों से संपर्क करें।














