पटना, 22 जून (पटना डेस्क) भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही स्वीकार की है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने कहा कि भरत तिवारी के घर पहली बार पहुंची पुलिस टीम स्थिति को सही तरीके से संभालने में विफल रही थी। इसी चूक को मामले की प्रमुख वजह मानते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष सहित छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एक थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और दो सिपाही शामिल हैं।

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और मामले की गहन पड़ताल जारी है। एडीजी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। विभागीय जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के डीआईजी को सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जा रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने भी न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पटना हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित आयोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगा।

सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के अनुसार इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। एफआईआर संख्या 179/26 और 170/26 के तहत दर्ज मामलों की अलग-अलग जांच चल रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों और सबूतों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के बाद पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया था। हालांकि मृतक के परिजनों और कई राजनीतिक दलों ने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। अब पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई और न्यायिक जांच के आदेश के बाद इस मामले पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।













