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पश्चिम चंपारण में प्रशासनिक सर्जरी: 73 लिपिकों का एक साथ तबादला, 10 जुलाई तक जॉइनिंग नहीं तो स्वतः होंगे विरमित

बेतिया, 29 जून (विनय कुमार गुप्ता) पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिले के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत 73 लिपिकों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया है। जिला स्थापना शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरित कर्मियों को 10 जुलाई 2026 तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर अनिवार्य रूप से योगदान देना होगा। समय-सीमा का पालन नहीं करने वालों को स्वतः विरमित माना जाएगा। जिला स्थापना शाखा द्वारा जारी आदेश में स्थापना, सामान्य, राजस्व, विधि, पंचायत, निर्वाचन, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा, कोषागार, नीलाम पत्र, भू-अर्जन, अनुमंडल, अंचल तथा विभिन्न प्रखंड कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।

इस व्यापक फेरबदल में बेतिया, बगहा, नरकटियागंज, रामनगर, मैनाटांड़, सिकटा, योगापट्टी, मझौलिया, चनपटिया, लौरिया, नौतन, पिपरासी और गौनाहा सहित जिले के विभिन्न कार्यालयों के कर्मचारी शामिल हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित कार्यालयाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्थानांतरित कर्मियों को निर्धारित तिथि तक हर हाल में विरमित कर नए कार्यालय में योगदान सुनिश्चित कराया जाए। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी को 10 जुलाई तक विरमित नहीं किया जाता है, तो उसे उसी दिन अपराह्न से स्वतः विरमित मान लिया जाएगा। साथ ही जुलाई 2026 माह का वेतन नए पदस्थापन कार्यालय से ही भुगतान किया जाएगा।जारी आदेश में जिला सामान्य शाखा में प्रतिनियुक्त वरिष्ठ उर्दू अनुवादक इम्तयाज अहमद की प्रतिनियुक्ति भी उनके आवेदन के आलोक में समाप्त कर दी गई है।

उन्हें अपने मूल पदस्थापन कार्यालय में तत्काल योगदान देने का निर्देश दिया गया है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक हलकों में एक साथ हुए इस बड़े तबादले को कार्य संस्कृति में सुधार, जवाबदेही बढ़ाने और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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