नालंदा, 18 जून (अविनाश पांडेय) नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से नालंदा जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के तहत 17 जून से 26 जून 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के तत्वावधान में चल रहे इस अभियान में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।अभियान के तहत जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तरीय सरकारी कार्यालयों तक नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

अधिकारियों, कर्मियों और आम लोगों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज की सुख-शांति को भी नष्ट कर देता है।इस जनजागरूकता अभियान में जीविका समूहों की महिलाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनकर उभरी है। जीविका दीदियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया है। महिलाओं ने परिवारों को जागरूक करने तथा युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में काम करने का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग और बैनर लगाए हैं।

इसके अलावा 26 जून तक नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, विद्यालयों में भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। प्रशासन ने जिलेवासियों से इस जनअभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और नशामुक्त नालंदा के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की है।














