नालंदा, 25 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के ग्रामीण इलाकों में उच्च शिक्षा का सपना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) कार्यक्रम के तहत जिले में नौ नए डिग्री महाविद्यालयों के संचालन की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में जिला पदाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें चिन्हित संस्थानों में चल रहे जीर्णोद्धार, निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी महाविद्यालयों का संचालन समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल जिले के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।समीक्षा के दौरान महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध भवनों, वर्गकक्षों तथा अन्य संसाधनों का आकलन कर आवश्यक निर्माण, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। छात्र-छात्राओं के लिए अलग एवं सुसज्जित शौचालय, स्वच्छ पेयजल, नियमित बिजली आपूर्ति, परिसर की साफ-सफाई तथा भवनों के रंग-रोगन को प्राथमिकता देने को कहा गया। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक फर्नीचर, स्टेशनरी सामग्री और अन्य शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित की जाए।

साथ ही सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर भी बल दिया गया।जिले में रहुई, नूरसराय, बिंद, नगरनौसा, कतरीसराय, थरथरी, करायपरशुराय, परवलपुर और सरमेरा प्रखंड स्थित नौ शैक्षणिक संस्थानों को डिग्री कॉलेज के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है। प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी पहल से हजारों विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। बैठक में प्रभारी उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।














