पटना, 30 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। रूरल वर्क्स डिपार्टमेंट बिहार द्वारा न सिर्फ गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है, बल्कि अब इन मार्गों को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। विभाग ने राज्यभर में 24,859 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है, जहां रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन लगाए जाने थे। इनमें से 21,536 स्थानों पर ये साइन पहले ही लगाए जा चुके हैं।

ये संकेतक खासकर रात के समय और खराब मौसम में वाहन चालकों को दिशा और खतरे की जानकारी देकर दुर्घटनाओं की आशंका को कम करेंगे। ग्रामीण यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 23,515 सड़कों पर गांव के नाम वाले साइन बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं। इससे न केवल यात्रियों को सही दिशा मिल रही है, बल्कि दूरदराज के गांवों की पहचान भी स्पष्ट हो रही है। इसके साथ ही राज्य की 26,250 ग्रामीण सड़कों पर किलोमीटर स्टोन और 200 मीटर स्टोन स्थापित किए गए हैं, जिससे दूरी का सटीक अनुमान लगाना आसान हो गया है।

विभाग द्वारा पैदल यात्रियों, खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत जेब्रा क्रॉसिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा उपकरण बड़े पैमाने पर लगाए जा रहे हैं।अधिकारियों का दावा है कि इस पहल से ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आवागमन पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। लगातार चल रहे इस अभियान से बिहार के गांवों की सड़क व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जो भविष्य में सुरक्षित यातायात की नई मिसाल बनेगा।













