पटना, 19 जून (अविनाश कुमार) राजधानी पटना में चर्चित शिक्षण संस्थानों के संचालकों के बीच चल रहा विवाद अब और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर उर्फ फैजल खान और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के बीच हुए विवाद में पुलिस जांच से ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। पुलिस डायरी के अनुसार, खान सर के दोनों बॉडीगार्डों द्वारा की गई फायरिंग आत्मरक्षा के लिए नहीं, बल्कि कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना 2 जून की रात की है।

जांच में सामने आया है कि मारपीट और तोड़फोड़ की घटना रात करीब 10:10 बजे हुई थी, जबकि खान सर के सुरक्षाकर्मी प्रदीप और तालेबर सिंह ने करीब 20 मिनट बाद रात 10:30 बजे गोलियां चलाई। पुलिस इसी समय अंतराल को जांच का अहम आधार मान रही है। शुरुआत में खान सर की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में फायरिंग का कोई उल्लेख नहीं था। बाद में जब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सामने आए, तब उनकी ओर से फायरिंग को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया गया। हालांकि पुलिस डायरी में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।खान सर के मैनेजर ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस, अभिषेक और गौरव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

वहीं स्वतंत्र जांच के बाद पुलिस ने खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्डों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। जांच के दौरान दोनों सुरक्षाकर्मियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर फायरिंग की थी। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। कोर्ट ने पुलिस को 20 जून तक केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसी दिन दोनों बॉडीगार्डों की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। दूसरी ओर, रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की नेपाल में कथित हत्या को लेकर खान सर और कारोबारी डॉ. आरएस प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस सभी आरोपों और फायरिंग प्रकरण की गहन जांच में जुटी है।













