पटना, 29 जून (अविनाश कुमार) राजधानी पटना में खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदू कोचिंग के बीच हुए विवाद के दौरान दर्ज फायरिंग मामले में पुलिस की नई केस डायरी सामने आने के बाद खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अपडेटेड केस डायरी में फायरिंग करने वाले दोनों बॉडीगार्ड के हथियारों और लाइसेंस से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच को और तेज कर दिया है।पुलिस जांच के अनुसार, 2 जून को हुई फायरिंग के दौरान खान सर के बॉडीगार्ड तालेबर सिंह ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया था, उसका लाइसेंस केवल उत्तर प्रदेश तक ही वैध था। तालेबर सिंह उत्तर प्रदेश का निवासी है, लेकिन बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए उसके पास आवश्यक वैध अनुमति नहीं थी।

इतना ही नहीं, स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट अथवा संबंधित थाने को भी इसकी कोई सूचना नहीं दी गई थी। ऐसे में जांच एजेंसियां बिहार में हथियार के उपयोग को नियमों के विपरीत मान रही हैं।वहीं दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप के मामले में भी पुलिस को अहम तथ्य मिले हैं। जांच में सामने आया है कि पिता की हत्या के बाद आत्मरक्षा के उद्देश्य से उसे पूरे देश में वैध हथियार रखने का लाइसेंस मिला था, लेकिन उसने उसी लाइसेंस का उपयोग निजी सुरक्षा एजेंसी के साथ व्यावसायिक कार्य के लिए किया। पुलिस के अनुसार यह लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है। पुलिस ने इस मामले की अपडेटेड केस डायरी संबंधित न्यायालय में दाखिल कर दी है। इसी आधार पर सोमवार को फैजल खान, दोनों बॉडीगार्ड और उनके तीन स्टाफ कन्हैया, अजीत तथा अंकित पांडेय की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।

फिलहाल दोनों बॉडीगार्ड न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि न्यायालय ने फैजल खान और उनके तीनों कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर 30 जून तक अंतरिम रोक लगा रखी है। अब सभी की निगाहें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इस मामले में आने वाला फैसला आगे की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।













