बक्सर, 10 जुलाई (विक्रांत) देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को बक्सर में इनौस और आइसा के बैनर तले जोरदार विरोध मार्च निकाला गया। अंबेडकर चौक से शुरू हुआ मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ज्योति चौक पहुंचा, जहां इसे सभा में तब्दील कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।

सभा का संचालन आइसा के जिला सचिव अखिलेश ठाकुर ने किया, जबकि अध्यक्षता आरवाईए के जिला संयोजक राजदेव सिंह ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डुमरांव के पूर्व विधायक एवं इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा मौजूद रहे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट, यूजीसी-नेट समेत कई परीक्षाओं में लगातार धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

सभा में वक्ताओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने तथा नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने की मांग उठाई। उनका आरोप था कि शिक्षा के बढ़ते निजीकरण से गरीब, दलित, मजदूर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रही है तथा टीजीटी, पीजीटी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में नियमों में बदलाव कर अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा नेता संध्या पाल और अन्य वक्ताओं ने भी परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन केवल छात्रों का नहीं, बल्कि शिक्षा और रोजगार बचाने की व्यापक लड़ाई है, जिसमें शिक्षक, किसान, मजदूर और महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। विरोध मार्च और सभा में आरवाईए के राज्य नेता बीरन यादव, जिला नेता रवि मौर्या, रविशंकर राम, बलीराम पासवान, कृष्णा यादव, दीपू कुमार, सर्वेश पांडेय, बब्लू कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।














