नालंदा, 08 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा समाहरणालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी उदिता सिंह ने बिना पूर्व सूचना विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति, अभिलेखों के संधारण, स्वच्छता व्यवस्था और आम नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों और कर्मियों में डीएम के अचानक पहुंचने से हलचल का माहौल बना रहा। जिलाधिकारी ने जिला नजारत शाखा, जिला सामान्य शाखा, जिला आपूर्ति कार्यालय, जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय समेत समाहरणालय परिसर के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, लंबित मामलों की स्थिति तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। संबंधित पदाधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और लंबित कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में साफ-सफाई और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी कार्यालयों में नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छ कार्यालय का सकारात्मक प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है तथा इससे कार्य निष्पादन की गुणवत्ता और पारदर्शिता भी बढ़ती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन के प्रति पूरी तरह गंभीर रहने की हिदायत दी।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी की बायोमेट्रिक उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए और कार्यालय समय का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, नालंदा को समाहरणालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण कर सभी कार्यालयों में आवश्यक मरम्मत कार्यों की सूची तैयार करने तथा उन्हें शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम ने कहा कि आम जनता को समय पर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।














