नई दिल्ली, 07 जुलाई (पटना। डेस्क) कोसी-सीमांचल और अंग क्षेत्र की वर्षों से लंबित सड़क परियोजनाओं को लेकर सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने क्षेत्र की बदहाल सड़कों, अधूरी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और नई संपर्क योजनाओं पर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू कराने तथा समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की।सांसद ने परसमा (सुपौल) से तरावे चौक, सिंहेश्वर, केवटगामा चौक, खुर्दा और चकमका (मधेपुरा) होते हुए बनमनखी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 से जोड़ने वाली पूर्व स्वीकृत परियोजना का निर्माण जल्द शुरू कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के बावजूद वर्षों से काम शुरू नहीं होने के कारण लाखों लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस सड़क के बनने से पूर्णिया, सुपौल, मधेपुरा और बनमनखी सहित पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने बताया कि राजमहल (झारखंड) से कटिहार, प्राणपुर, डगरुआ और बायसी होते हुए बहादुरगंज तक प्रस्तावित 6-लेन एक्सप्रेस-वे को स्वीकृति मिल गई है। यह एक्सप्रेस-वे आगे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा, जिससे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के बीच यातायात एवं व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इसे सीमांचल के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। सांसद ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष राष्ट्रीय राजमार्ग-107 (वर्तमान एनएच-231) की धीमी प्रगति का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया।

लगभग 177 किलोमीटर लंबी और 1,400 करोड़ रुपये की इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2001 में हुआ था और 2018 में निर्माण शुरू होने के बावजूद आज तक कई पुल, रेलवे ओवरब्रिज और सड़क निर्माण अधूरे हैं। उन्होंने परियोजना में कथित अनियमितताओं तथा पूर्णिया-सहरसा मार्ग पर कार्यरत ठेकेदारों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा सांसद ने पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न रेल फाटकों पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सभी आरओबी के टेंडरों को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।













