समस्तीपुर, 06 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) मिथिलांचल के प्रवेश द्वार और समस्तीपुर शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले 56 वर्ष पुराने रेलवे ओवरब्रिज को सोमवार सुबह छह बजे से पूरी तरह बंद कर दिया गया। पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर सभी प्रकार के वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों की आवाजाही भी रोक दी गई है। पुल की जर्जर स्थिति और सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक किसी भी व्यक्ति को पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन के अनुसार, पुल के एक्सपेंशन जॉइंट गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ने और किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई थी।

विशेषज्ञ इंजीनियरों की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुल को तत्काल बंद करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप मरम्मत कराई जाएगी। निर्माण एजेंसी को 24 घंटे तीन शिफ्टों में लगातार काम करने का निर्देश दिया गया है, ताकि तय समय में पुल को फिर से जनता के लिए खोला जा सके। ओवरब्रिज बंद होने के साथ ही पूरे शहर में नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है। बेगूसराय और रोसड़ा जाने वाली बसें अब हाउसिंग बोर्ड मैदान से संचालित होंगी। रोसड़ा से मुजफ्फरपुर जाने वाले वाहन कन्हैया चौक, बुल्लेचक रेलवे गुमटी, महादेव चौक और कोरबद्दा होकर गुजरेंगे। ताजपुर रोड और धरमपुर की ओर से आने वाले वाहन पासवान चौक तथा मगरदही घाट के रास्ते शहर में प्रवेश करेंगे।

वहीं दरभंगा, मधुबनी और नेपाल की ओर जाने वाले भारी वाहनों को कल्याणपुर, पूसा, ताजपुर और एनएच-28 के रास्ते डायवर्ट किया गया है।संभावित जाम से निपटने के लिए अटेरन चौक रेलवे गुमटी, कन्हैया चौक, महादेव चौक, धर्मपुर चौक, पासवान चौक, मगरदही घाट और अन्य प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर ट्रेन गुजरने के तुरंत बाद रेलवे गुमटियां खोली जाएंगी, ताकि वाहनों की लंबी कतार न लगे।ओवरब्रिज बंद होने से बस यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पटना, ताजपुर और दलसिंहसराय की बसें पहले की तरह बस स्टैंड से चलेंगी, जबकि रोसड़ा और दरभंगा जाने वाले यात्रियों को अब जितवारपुर, बाजार समिति और मनोज सिंह मंडी से बसें पकड़नी होंगी। वर्ष 1970 में बने इस रेलवे ओवरब्रिज ने पिछले 56 वर्षों से शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्से को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। प्रतिदिन हजारों वाहन और पैदल यात्री इसी पुल से गुजरते रहे हैं। अब इसकी मरम्मत पूरी होने तक समस्तीपुरवासियों को बदले हुए ट्रैफिक सिस्टम और अतिरिक्त सफर के साथ ही अपनी दैनिक दिनचर्या को ढालना होगा।














