• Home
  • मुख्य समाचार
  • पंचायत चुनाव पर सरकार का बड़ा ऐलान: नहीं होगा परिसीमन, पुरानी सीमा में ही होगा चुनाव
Image

पंचायत चुनाव पर सरकार का बड़ा ऐलान: नहीं होगा परिसीमन, पुरानी सीमा में ही होगा चुनाव

पटना, 30 जून (सहयोगी संवाददाता मोहम्मद जमशेद) बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं और अटकलों पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला सुनाया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार पंचायत चुनाव से पहले किसी भी पंचायत का परिसीमन (सीमाओं का पुनर्निर्धारण) नहीं किया जाएगा। चुनाव मौजूदा पंचायत सीमाओं के आधार पर ही कराए जाएंगे। सरकार के इस ऐलान के बाद संभावित उम्मीदवारों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है।मंत्री ने कहा कि पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। इससे चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होगा और प्रशासन समय पर सभी तैयारियां पूरी कर सकेगा। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को वर्तमान पंचायत संरचना के अनुरूप चुनावी तैयारियां तेज करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने अपना रुख साफ किया है। मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायत चुनाव में आरक्षण से जुड़े सभी प्रावधान संविधान, कानून और निर्धारित नियमों के अनुरूप लागू किए जाएंगे। आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, ताकि किसी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी वर्गों के अधिकारों का संरक्षण करते हुए निष्पक्ष तरीके से प्रक्रिया पूरी की जाएगी।सरकार के इस फैसले को चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। यदि परिसीमन किया जाता तो कई पंचायतों की सीमाएं बदल जातीं, जिससे मतदाता क्षेत्र, वार्ड और चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते थे। अब उम्मीदवार मौजूदा पंचायत क्षेत्र और मतदाता आधार को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे सकेंगे।

हालांकि सरकार ने अभी पंचायत चुनाव की तिथियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन मंत्री के बयान से यह साफ संकेत मिल गया है कि चुनाव वर्तमान पंचायत ढांचे के तहत ही संपन्न होंगे। अब राजनीतिक दलों, संभावित प्रत्याशियों और ग्रामीण मतदाताओं की निगाहें आरक्षण रोस्टर और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए जाने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं।सरकार के इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी उम्मीद जताई है कि जल्द ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकेगी।

Releated Posts

दशहरा से पहले बक्सर में शक्ति प्रदर्शन: सड़कों पर उतरा प्रशासन, डीएम-एसपी ने निकाला फ्लैग मार्च, किला मैदान में रावण वध की तैयारियों का लिया जायजा

बक्सर, 16 अक्टूबर (विक्रांत) आगामी दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 16, 2026

त्योहारों से पहले समस्तीपुर में ट्रैफिक पर शिकंजा: 8,146 वाहनों की जांच, 3,526 के कटे चालान

समस्तीपुर, 15 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व को लेकर सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 15, 2026

दलित-महादलितों पर जुल्म के खिलाफ डुमरांव में माले का प्रतिरोध मार्च, किया पुतला दहन

बक्सर, 15 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार के विभिन्न जिलों में दलित, महादलित, महिलाओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों पर…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 15, 2026

सौर ऊर्जा से जगमगाएगा भागलपुर-बांका, 90 मेगावाट से ज्यादा क्षमता का नया पावर हब बनाने की तैयारी

पटना, 15 अक्टूबर (पटना डेस्क) आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा की दिशा में भागलपुर और बांका अब बड़ी…

ByByअशोक अश्क अक्टूबर 15, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top