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नालंदा में 2500 कोचिंग संस्थान रडार पर: बिना फायर एनओसी चल रहे संस्थान होंगे सील, अग्निशमन विभाग के अभियान से मचा हड़कंप

नालंदा, 27 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था पर अब अग्निशमन विभाग का शिकंजा कसने जा रहा है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग ने जिलेभर में विशेष फायर ऑडिट (अग्नि अंकेक्षण) अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत बिना फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) संचालित संस्थानों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को सील करने की चेतावनी दी गई है।

बिहारशरीफ के अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्निकांड की घटनाओं से सबक लेते हुए जिले के सभी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो लगातार विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं।निरीक्षण के दौरान भवन की संरचना, मंजिलों की संख्या, कमरों की क्षमता, सीढ़ियों की चौड़ाई, प्रवेश एवं निकासी मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, एयर कंडीशनिंग सिस्टम और आपातकालीन निकासी की सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है।

साथ ही प्रत्येक मंजिल पर फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की जा रही है। अग्निशमन विभाग केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोचिंग संचालकों एवं कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव, राहत कार्य और सुरक्षित निकासी के तरीकों का प्रशिक्षण भी देगा, ताकि किसी भी आपदा के समय जनहानि को रोका जा सके। विभागीय आंकड़ों के अनुसार नालंदा जिले में करीब 2,500 से अधिक कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी संचालित हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक भी संस्थान के पास वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है। बिहारशरीफ से लेकर प्रखंड और ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए हैं।अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी मिलेगी, उन्हें पहले नोटिस देकर सुधार का अवसर दिया जाएगा। तय समय में व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर संबंधित संस्थानों को सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई से जिले के कोचिंग एवं लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया है, जबकि अभिभावकों और छात्रों ने इसे सुरक्षा की दिशा में एक जरूरी और स्वागतयोग्य कदम बताया है।

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