नालंदा, 27 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के बिंद प्रखंड स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर शनिवार को न्याय, जागरूकता और जनसेवा का केंद्र बन गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था।

शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्री-लिटिगेशन एवं न्यायालय में लंबित कुल 11 मामलों का आपसी सहमति से मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सह जज राजेश कुमार गौरव ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य, श्रम, शिक्षा, परिवहन, सामाजिक कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा अन्य विभागों द्वारा सूचना एवं सहायता स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। पात्र लाभार्थियों के बीच प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के हाथों सहायता राशि के चेक वितरित किए गए।

शिविर में श्रम विभाग के छह, परिवहन विभाग के तीन, बिजली विभाग के चार तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के पांच लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त पात्र लोगों के बीच आयुष्मान भारत कार्ड और आधार कार्ड भी वितरित किए गए, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान खींचा। वहीं शिक्षा विभाग ने नई शैक्षणिक पहल, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़ी प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को नई शिक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।

शिविर में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एडीजी (ऑपरेशंस) कुंदन कृष्णन, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दशम प्रवीण कुमार, सीजेएम प्रमोद कुमार शर्मा, सचिव राजेश कुमार गौरव, पुलिस अधीक्षक कुंदन कुमार, अस्थावां विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजकों ने कहा कि ऐसे शिविर न्याय को आमजन तक सरल, सुलभ और प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।














