सीतामढ़ी, 25 जून (मोहम्मद कलीम) शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा देने और बढ़ते कचरे की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। खैरवा स्थित कचरा प्रसंस्करण केंद्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से पांच कंपोस्ट प्लांट तथा अत्याधुनिक एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। इससे संबंधित निविदा प्रक्रिया का निस्तारण कर लिया गया है, जिसके बाद परियोजना को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए कचरा निस्तारण एजेंसी के चयन पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

एजेंसी के चयन के बाद कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, शहर से प्रतिदिन औसतन 66 टन कचरा निकलता है। इसमें लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक और अन्य सूखे कचरे का होता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर से सालाना करीब 24,090 टन कचरा निकल रहा है, जिसमें लगभग 9,636 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है। वर्तमान में इसके उचित निस्तारण की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ रही हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए खैरवा में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण, संग्रहण और पुनर्चक्रण किया जाएगा।

इतना ही नहीं, रिसाइक्लिंग तकनीक के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट से उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक शामिल रहता है। इस कचरे के सुरक्षित निस्तारण और पुनर्चक्रण के लिए एमआरएफ सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था आधुनिक और व्यवस्थित हो जाएगी। नगरवासियों को उम्मीद है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से शहर स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगा।













