नालंदा, 24 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी पुलिस आदेश संख्या-354/2026 के तहत जिले के 13 प्रमुख थानों में अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार राज्य के 425 सामान्य पुलिस थानों को इंस्पेक्टर स्तर के थानाध्यक्षों के लिए चिन्हित किया गया है।

इसी क्रम में नालंदा के इस्लामपुर, नूरसराय, चंडी, दीपनगर, हरनौत, रहुई, अस्थावां, सिलाव, बिहार थाना, लहेरी थाना, सोहसराय, राजगीर और हिलसा थाना को इस श्रेणी में शामिल किया गया है। बताया गया है कि जिन थानों में प्रतिवर्ष औसतन 350 या उससे अधिक आपराधिक कांड दर्ज होते हैं तथा जो अपराध एवं विधि-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया गया है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत संबंधित थानों में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र के अंचल निरीक्षक की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।

हालांकि उनका अधिकार क्षेत्र केवल उसी थाने तक सीमित रहेगा, जहां वे थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत होंगे।पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के लिए किसी नए पद का सृजन नहीं किया गया है। जिलों में पहले से स्वीकृत पदबल के आधार पर ही अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती से अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की बेहतर निगरानी संभव होगी, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार आएगा और आम जनता को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह पुलिस सेवा उपलब्ध हो सकेगी। इससे जिले में अपराध नियंत्रण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।














