समस्तीपुर, 24 जून (मोहम्मद जमशेद) मुख्यमंत्री के खानपुर आगमन को लेकर भाकपा माले ने समस्तीपुर जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, जनकल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता तथा बंद पड़े उद्योगों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा है। पार्टी ने दावा किया कि जिले की जनता अपराध, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त है तथा सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे। मांग-पत्र में कहा गया है कि समस्तीपुर सहित पूरे बिहार में हत्या, लूट, डकैती, छिनतई, बलात्कार और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है।

ताजपुर थाना के चर्चित संजीव सहनी हत्याकांड और महिला थाना फतेहपुर के नाबालिग दुष्कर्म कांड का उल्लेख करते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कानून व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है। भाकपा माले ने आवास योजना, मनरेगा, पंचायत और प्रखंड स्तर की विकास योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अफसरशाही पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही समस्तीपुर जिले में रद्द किए गए करीब 60 हजार राशन कार्डों को पुनर्बहाल कर गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा का लाभ देने की मांग की गई।

माले नेताओं ने मनरेगा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने, वर्ष में 200 दिनों का रोजगार देने तथा मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अलावा लंबे समय से बंद पड़े दूधपुरा हवाई अड्डा को चालू करने, समस्तीपुर चीनी मिल, ठाकुर पेपर मिल और अन्य बंद उद्योगों को पुनर्जीवित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।मुक्तापुर स्थित रामेश्वर जूट मिल के संरक्षण, किसानों को सस्ती दर पर खाद-बीज, सिंचाई और बिजली उपलब्ध कराने तथा फसलों के लिए लाभकारी समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य और जनवितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ जननायक कर्पूरी ठाकुर की कर्मभूमि ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा देने की मांग भी दोहराई गई।पार्टी ने विभिन्न रेल एवं सड़क परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकार यदि इन मुद्दों पर गंभीर पहल नहीं करती है तो जनता के बीच व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।














