नालंदा, 24 जून (अविनाश पांडेय) आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला पदाधिकारी उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित जिला शांति समिति की बैठक में सुरक्षा, यातायात और विधि-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि 26 जून को मनाए जाने वाले मुहर्रम पर्व को जिले भर में भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।

विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही बिजली, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवा, अग्निशमन दस्ता और नियंत्रण कक्ष की विशेष व्यवस्था की गई है।जिलाधिकारी ने बताया कि बाहरी असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिले के प्रवेश मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। ड्रॉप गेट और नाका जांच के माध्यम से आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच होगी। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा कि इस वर्ष जिले में 118 मुहर्रम जुलूसों के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं।

र सभी आयोजकों को लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने जुलूसों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की है। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। अफवाह, भ्रामक पोस्ट या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जुलूस निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार ही निकाले जाएंगे। डीजे, आतिशबाजी, घातक हथियारों के प्रदर्शन, राजनीतिक नारेबाजी और आपत्तिजनक पोस्टरों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।














