पटना, 21 जून (पटना डेस्क) सुपौल जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित दीक्षांत परेड समारोह अनुशासन, गौरव और उत्साह का केंद्र बना रहा। एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 217 प्रशिक्षु जवानों ने शानदार परेड प्रदर्शन कर अपनी दक्षता और अनुशासन का परिचय दिया। समारोह में कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी सावन कुमार तथा पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस मुख्य रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत परेड निरीक्षण से हुई। डीआईजी और पुलिस अधीक्षक ने जवानों की टुकड़ियों का निरीक्षण किया। इसके बाद प्रशिक्षु जवानों ने कदमताल करते हुए मुख्य अतिथियों को आकर्षक सलामी दी। परेड मैदान में जोश, ऊर्जा और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। जवानों को पुलिस सेवा की शपथ भी दिलाई गई।

समारोह को संबोधित करते हुए डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और अनुभव को अब वास्तविक सेवा में उतारने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि आज से सभी जवान बिहार पुलिस परिवार का अभिन्न अंग बन गए हैं और यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने जवानों को निरंतर सीखते रहने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी व निष्ठा के साथ करने की सलाह दी।डीआईजी ने कहा कि पुलिस सरकार और प्रशासन का सबसे प्रत्यक्ष चेहरा होती है। इसलिए जनता के साथ बेहतर संवाद और व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी, यातायात प्रबंधन, कर्फ्यू और धारा 144 जैसे संवेदनशील दायित्वों में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती, पिकेट ड्यूटी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने पीट पुलिसिंग, सेक्टर पुलिसिंग, नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस में किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए उन्होंने जनता के साथ विश्वास का माहौल बनाने की अपील की।अपने संबोधन में डीआईजी ने इंटरनेट मीडिया कल्चर पर भी सख्त टिप्पणी की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों और कंपनी कमांडरों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। समारोह में मौजूद परिजनों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी।













