बक्सर, 09 कुमार (विक्रांत) डुमराँव अनुमंडलीय अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण एक नवजात शिशु का इलाज अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे किए जाने की घटना ने पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर डुमराँव के पूर्व विधायक एवं इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बिहार सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

डॉ. सिंह ने घटना को “अत्यंत शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता को शर्मसार करने वाला” बताते हुए कहा कि यह सरकार और प्रशासन की घोर लापरवाही तथा आम जनता के प्रति असंवेदनशील रवैये का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि दूसरी ओर अस्पतालों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी अस्पतालों में बिजली, बैकअप व्यवस्था और जीवनरक्षक उपकरणों के संचालन की कोई गारंटी नहीं है, तो आम जनता आखिर किस भरोसे वहां इलाज कराने जाए। उनका कहना था कि नवजात शिशुओं की जिंदगी को भी भगवान भरोसे छोड़ देना किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है।

पूर्व विधायक ने बक्सर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए कहा कि आज तक जिले में एक भी अत्याधुनिक आईसीयू (ICU) स्थापित नहीं हो सका है। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना, वाराणसी या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले 26 वर्षों में डुमराँव विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश समय सत्ताधारी दल के प्रतिनिधियों के पास रहा, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं की तस्वीर नहीं बदली। डॉ. सिंह ने अपने विधायक कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों की कमी और अस्पतालों के आधुनिकीकरण का मुद्दा लगातार उठाया था।

उन्हीं प्रयासों का परिणाम था कि मातृ एवं नवजात देखभाल इकाई (MNCU) की शुरुआत हुई, लेकिन आज उसकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सरकार से घटना की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त जनरेटर व्यवस्था, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति तथा बक्सर में अत्याधुनिक आईसीयू की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता की जान के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।














