बक्सर, 07 जून (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आगामी 27 एवं 28 जून 2026 को आयोजित होने वाला दो दिवसीय “आम समागम-2026” इस बार राष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। “स्वाद, संस्कृति और समृद्धि का संगम” थीम पर आधारित इस भव्य आयोजन का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल करेंगे। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी, प्रगतिशील किसान तथा आम प्रेमियों की बड़ी भागीदारी रहेगी।आयोजन की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों, निदेशकों, अधिष्ठाताओं, वैज्ञानिकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने भाग लिया।

इस दौरान प्रदर्शनी, सम्मान समारोह, प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं तथा अन्य गतिविधियों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। समागम का प्रमुख आकर्षण “आधुनिक तकनीक से गुणवत्तायुक्त आम उत्पादन, भंडारण एवं प्रसंस्करण” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला होगी। इसमें देश के प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ आम उत्पादन की नई तकनीकों, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, फसल सुरक्षा, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन के आधुनिक उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। आम समागम में देशभर की सैकड़ों दुर्लभ एवं लोकप्रिय आम किस्मों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

आगंतुक एक ही स्थान पर विभिन्न रंग, स्वाद, आकार और विशेषताओं वाले आमों का अवलोकन कर सकेंगे। इसके अलावा आम आधारित उत्पादों, कृषि स्टार्टअप, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और कृषि नवाचारों से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे।आयोजन समिति ने आम उत्पादक किसानों से अपनी उत्कृष्ट किस्मों को प्रदर्शनी में शामिल करने की अपील की है। विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन के बाद श्रेष्ठ प्रविष्टियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित किसान-वैज्ञानिक सम्मान समारोह में बिहार सहित पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड के चयनित किसानों को “बेस्ट मैंगो फार्मर अवार्ड” से नवाजा जाएगा। पांच उत्कृष्ट महिला आम उत्पादकों एवं महिला उद्यमियों को भी विशेष सम्मान और नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।आम अनुसंधान एवं नवाचार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। वहीं आम प्रेमियों के लिए आयोजित “मैंगो ईटिंग प्रतियोगिता” रोमांच का केंद्र बनेगी, जिसमें विजेताओं को नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह दिए जाएंगे।दो दिवसीय आयोजन में आम आधारित नए उत्पादों, विशेष फिल्म, पुस्तक और स्मारिका का लोकार्पण भी होगा। कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल आम का उत्सव नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और बिहार को आम उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त अभियान है।














