बक्सर, 07 जून (विक्रांत) प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के खिलाफ शनिवार को आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। राष्ट्रीय आह्वान के तहत नया थाना पहुंचकर छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी से देश का युवा वर्ग गंभीर संकट का सामना कर रहा है।कार्यक्रम का संचालन आरवाई नेता सुरेंद्र प्रसाद ने किया, जबकि अध्यक्षता अरविंद यादव और प्रभात कुमार ने की। विरोध सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए नेता एवं अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष बाबूलाल राम ने कहा कि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और नौकरियों के अवसर घटते जा रहे हैं।

ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। बाबूलाल राम ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आने से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक पर प्रभावी रोक नहीं लगती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आइसा और आरवाईए द्वारा 6 और 7 जून को देशभर में शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं के भविष्य को बचाने तथा पारदर्शी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूत करना है। इस दौरान आरवाईए नेता धनई राम, सर्वेश कुमार पांडेय, रिंकू कुरैशी, छात्र नेता बंटी पटेल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में माले के राज्य कमिटी नेता धर्मेंद्र यादव, कृष्णा राम, सुरेश यादव, जाबिर, शंकर तिवारी और भगवान दास समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई।














