बक्सर, 03 मई (विक्रांत) शहर में 4 मई 2026 को आयोजित चोल मुंडन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने बड़ा ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।डीएसपी कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, ज्योति चौक से थाना चौक, थाना चौक से नाथ बाबा पुल, थाना चौक से रामरेखा घाट होते हुए पीपी रोड और पुराना सदर अस्पताल मार्ग, सिंडिकेट से जमुना चौक होते हुए थाना चौक तथा मठिया पुल से मुनिम चौक तक चारपहिया और बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

इन मार्गों पर सिर्फ बाइक और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहन ही चल सकेंगे। हालांकि, प्रशासन ने चारपहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। गोलंबर से सिंडिकेट होते हुए बाईपास, ज्योति चौक, आईटीआई रोड, मठिया मोड़ और दानी कुटिया मार्ग से आवाजाही की अनुमति दी गई है। इसके अलावा गोलंबर से सिंडिकेट, ज्योति चौक, अंबेडकर चौक और इटाढ़ी गुमटी मार्ग भी खुला रहेगा, जिससे शहर के बाहरी हिस्सों से कनेक्टिविटी बनी रहेगी।ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। गोलंबर से सिंडिकेट, बाईपास, ज्योति चौक होते हुए स्टेशन तक जाने की सुविधा रहेगी, जबकि वापसी के लिए आईटीआई रोड और नाथ बाबा नहर मार्ग का उपयोग करना होगा। अंबेडकर चौक, बाजार समिति, नई बाजार और मठिया मोड़ से भी आवागमन संभव रहेगा। पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

बस, ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य बड़े वाहनों के लिए हवाई अड्डा मैदान, आईटीआई मैदान, बाजार समिति, गोलंबर पार्किंग और इटाढ़ी गुमटी के दक्षिण रेलवे मैदान को निर्धारित किया गया है। वहीं दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए किला मैदान में विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस, रोगी वाहन और आवश्यक सेवाओं को नो-एंट्री से छूट दी गई है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को टिकट साथ रखना अनिवार्य होगा। साथ ही सुबह 3 बजे से रात 10 बजे तक शहर में बड़े वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बक्सर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहन लेकर न निकलें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी को परेशानी न हो।













