बक्सर, 08 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मुख्य सभागार में मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कुल 60 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। सीसीआईएनएम के प्रतिभागियों ने भी रक्तदान कर मानवीय पहल को मजबूती दी।

विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम रेड रिबन क्लब, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना, बिहार कृषि महाविद्यालय तथा कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। शिविर को सफल बनाने में रेड रिबन क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. अंशुमन कोहली, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अजय भारद्वाज, डॉ. राजेंद्रगौड़ा पाटिल, डॉ. स्नेह प्रभा, सीएबीटी के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विवेक रंजन और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुपर्णा रॉय चौधरी का योगदान भी सराहनीय रहा।जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, भागलपुर के ब्लड बैंक की टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच कर रक्त संग्रह किया। वी केयर फाउंडेशन के मनोज, नितेश, गौतम समेत स्वयंसेवकों ने रक्तदाताओं की सहायता और शिविर की व्यवस्थाएं संभालीं।कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का महान कार्य है। रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने रक्तदाताओं, चिकित्सकीय टीम और आयोजकों की सराहना करते हुए इस संदेश को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने, डीन एजी डॉ. संजय कुमार, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता शम्भावी, डीन स्नातकोत्तर डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ. रूबी रानी समेत वरिष्ठ प्राध्यापक मौजूद रहे। रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर ने ‘रक्तदान-जीवनदान’ का संदेश देते हुए सामाजिक संवेदना और जिम्मेदारी की नई मिसाल कायम की।














