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बाढ़ के बीच मदद को आगे आए छात्र, फरका गांव में 40 से अधिक NSS स्वयंसेवकों ने बांटी राहत

बक्सर, 28 सितम्बर (विक्रांत) बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर के छात्र-छात्राओं ने सेवा की मिसाल पेश की। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के 40 से अधिक स्वयंसेवकों ने सोमवार, 28 सितंबर को सबौर प्रखंड के फरका गांव पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अजय भारद्वाज एवं डॉ. राजेंद्र गौड़ा पाटिल के मार्गदर्शन में अभियान चलाया। राहत सामग्री बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य दानदाताओं के सहयोग से एकत्रित की गई थी।

राहत किट में मुख्य रूप से चूड़ा, नमकीन मिश्रण और बिस्कुट शामिल थे। विश्वविद्यालय परिसर से सामग्री लेकर स्वयंसेवकों का दल फरका गांव पहुंचा और चिन्हित जरूरतमंद परिवारों के बीच किट का वितरण किया।इस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने स्वयंसेवकों की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय जरूरतमंद लोगों की सहायता करना समाज के प्रति जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों में सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता शांभवी ने कहा कि NSS विद्यार्थियों को समाज से जोड़ने और उनमें सेवा भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। डीन पीजी डॉ. संजय कुमार ने प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने को सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया। बिहार कृषि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रूबी रानी ने विश्वविद्यालय परिवार, दानदाताओं और राहत अभियान में सहयोग करने वालों के प्रति आभार जताया। अकादमिक इंचार्ज डॉ. चंदा कुशवाहा ने कहा कि विद्यार्थियों का स्वयं आगे आकर राहत कार्य में शामिल होना प्रेरणादायक है। राहत वितरण में फरका गांव के मुखिया राजेंद्र मंडल और ग्रामीण मणिकांत ने भी सहयोग किया।

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को बाढ़ के बाद स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया। स्वयंसेवकों ने “सहयोग, सेवा और संवेदना” तथा “सुरक्षित और सशक्त बिहार के लिए मिलकर प्रयास” का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के दानदाताओं के सहयोग और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से आयोजित यह अभियान NSS के मूल मंत्र “Not Me, But You” की भावना को दर्शाता है। आपदा के बीच राहत सामग्री का वितरण विश्वविद्यालय और स्थानीय समुदाय के सामूहिक सहयोग का उदाहरण बना।

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