पटना, 02 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को निवेशकों से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश करने का आह्वान किया। पटना में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों के मानक के अनुरूप उत्पादों की सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार उद्योगों के 25 प्रतिशत उत्पाद खरीदने की दिशा में काम करेगी और उन्हें बाजार उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेगी।निवेशकों को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को हरसंभव सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उद्योगों के लिए सरकारी खरीद नीति को अधिक उपयोगी बनाने के उद्देश्य से उसमें संशोधन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम हो रहा है।मुख्यमंत्री ने होटल, पर्यटन और ईको-टूरिज्म को निवेश के संभावनाशील क्षेत्रों के रूप में बताया। पटना, गया समेत विभिन्न स्थानों पर होटल और पर्यटन परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 14 करोड़ की आबादी वाला बिहार देश के लिए बड़ा बाजार है। सरकार का लक्ष्य निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसर पैदा करना है, ताकि लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। चौधरी ने बिजली क्षेत्र में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2005 में राज्य में बिजली की उपलब्धता करीब 500 मेगावाट थी, जो अब 10,000 मेगावाट से अधिक हो गई है। अगले पांच वर्षों में इसे 20,000 मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

सड़क नेटवर्क का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में करीब 8,000 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क बढ़कर लगभग 1.5 लाख किलोमीटर हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के विकास के साथ रोपवे और जल परिवहन परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है। पटना से गंगा के ऊपर सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोपवे परियोजना की पहल की जा रही है।बाढ़ और जल प्रबंधन को चुनौती बताते हुए चौधरी ने गंगा, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजना की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आने वाले पानी के कारण बिहार को हर वर्ष बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती है। सरकार का जोर आधारभूत संरचना, उद्योग और रोजगार के विस्तार के जरिए बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर है।














