समस्तीपुर, 14 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) जिले में किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के साथ बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में कृषि विभाग ने नई पहल शुरू की है। चालू योजना के तहत जिले में अमरुद और नींबू की खेती के लिए 30-30 हेक्टेयर, यानी कुल 60 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के माध्यम से किसानों को फल उत्पादन के नए अवसर मिलने के साथ बाजार की मांग के अनुरूप खेती कर आमदनी बढ़ाने की उम्मीद है। योजना के तहत एक हेक्टेयर में खेती के लिए एक लाख रुपये की इकाई लागत निर्धारित की गई है।

अमरुद की खेती में प्रति हेक्टेयर 278 पौधे, जबकि नींबू के 555 पौधे लगाए जाएंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ भूमि के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। क्लस्टर निर्माण के तहत चयनित फसल की खेती के लिए प्रति एकड़ अधिकतम एक लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग का मानना है कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप खेती होने पर जिले में स्थानीय स्तर पर फल उत्पादन को गति मिलेगी।

इससे किसानों को बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इच्छुक किसान निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एप्पल बेर की खेती के लिए 35 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 20 हेक्टेयर में खेती की गई।

विभाग किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। एप्पल बेर स्वाद में मीठा और रसीला होने के साथ विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसकी बढ़ती मांग किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का जरिया बन सकती है।

















