समस्तीपुर, 13 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) दुर्गा पूजा, विजयादशमी, मूर्ति विसर्जन और रावण दहन को लेकर समस्तीपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया है। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा और पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में पूजा पंडालों के लाइसेंस से लेकर विसर्जन जुलूस, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्था तक की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को पर्व के दौरान हर स्तर पर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। बैठक में पूजा पंडालों के लिए निर्धारित प्रक्रिया और लाइसेंस की शर्तों का पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया।

पंडालों में प्रवेश-निकास के पर्याप्त रास्ते, भीड़ की आवाजाही, विद्युत कनेक्शन, जनरेटर और प्रकाश व्यवस्था की जांच के साथ अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। आपात स्थिति में अग्निशमन वाहन और अन्य बचाव दल के पहुंचने के लिए रास्ता खाली रखने को कहा गया।संवेदनशील स्थानों, पूजा स्थलों, बाजारों, प्रमुख चौक-चौराहों और जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखने की रणनीति बनाई गई। पुलिस बल की तैनाती और गश्ती बढ़ाने के साथ अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं पर भी नजर रखने को कहा गया। विसर्जन जुलूस पर भी प्रशासन की पैनी नजरमूर्ति विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग और समय का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया।

संकरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन, वैकल्पिक मार्ग तथा एंबुलेंस एवं अग्निशमन वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश, पुलिस बल, गोताखोर, नाव और बचाव दल की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। रावण दहन स्थल पर बनेगा सुरक्षित जोनविजयादशमी के रावण दहन कार्यक्रम में दर्शकों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षित दूरी, बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास, पुलिस तैनाती और अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस को भी तैयार रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, नगर आयुक्त गौतम कुमार, एसडीओ राकेश समेत संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीएम और एसपी ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण पर्व के लिए सभी विभागों और पूजा समितियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया।














